लालची बिल्ली – बिल्ली की कहानी

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लालची बिल्ली – बिल्ली की कहानी (Kids moral story)

बिल्लियाँ इंसानों का सबसे पसंदीदा पालतू जानवर है, ऐसे ही एक लालची बिल्ली की कहानी बच्चों को प्रेरणा देगी| एक बिल्ली अपने मालिक के साथ, एक घर में रहती थी| बिल्ली बहुत लालची थी| उसका मालिक, जितना भी खाना उसे देता, वह सारा खा लेती, लेकिन जब उसका मालिक, उसे घर में छोड़कर, चला जाता तो, वह अपनी खिड़की से निकलकर, पड़ोसियों के घर से, खाना चोरी करके खा लेती थी| बिल्ली की हरकतों से, पड़ोसी बेहद परेशान थे क्योंकि, कई बार बिल्ली खाना खाने से ज़्यादा, खाने का नुक़सान कर दिया करती थी| जब बिल्ली की हरकतें हद से ज़्यादा बढ़ गई तो, पड़ोसियों ने बिल्ली के मालिक से, उसकी शिकायत करने की ठानी| वह सभी समूह बनाकर बिल्ली के घर पहुँच जाते हैं, लेकिन बिल्ली के मालिक को, अपनी बिल्ली पर पूरा भरोसा था| वह अपनी बिल्ली की शिकायत से, नाराज़ हो जाता है और चिल्लाते हुए, पूरे विश्वास से कहता है कि, “मैं अपनी बिल्ली को, खाने के लिए, एक सी एक चीज़ें देता हूँ| फिर वह भला, तुम्हारे यहाँ क्यों आएगी| तुम सब लोग, झूठ बोल रहे हो” और ऐसा कहते हुए, ग़ुस्से में उन्हें डांटकर भगा देता है| बिल्ली को अपनी चालाकी से बहुत मज़ा आ रहा था| उसे लगने लगा था कि, “उसने अपने मालिक के साथ साथ, सभी लोगों को मूर्ख बना दिया है और अब ऐसे ही, सारे मोहल्ले में वह, धमाचौकड़ी मचाती रहेगी और उसे कोई नहीं रोक सकेगा|” इस घटना के कुछ दिनों के बाद, बिल्ली अपने मोहल्ले से थोड़ा दूर, ताकाझांकी करने निकल जाती है|

लालची बिल्ली
Image by Doris Metternich from Pixabay

कुछ दूर पहुँचते ही, बिल्ली को सामने, कई तरह के पकवान, रखे हुए दिखाई देते हैं| बिल्ली के मुँह से लार टपकने लगती है| वह मुस्कुराते हुए, मन ही मन सोचती है, “रोज़ तो मुझे, चोरी करके खाना पड़ता था लेकिन, आज मेरी क़िस्मत इतनी अच्छी है कि, मेरे सामने कई तरह के पकवान रखे हुए हैं|” बिल्ली आव देखती है न, ताव और पकवानों पर, टूट पड़ती है लेकिन, अचानक बिल्ली के ऊपर, एक बड़ा सा जाल आ गिरता है और अगले ही पल, बिल्ली हवा में जाल के अंदर ही फँसी होती है| बिल्ली को समझ में नहीं आता कि, अचानक उसे किसने बाँध लिया| तभी उसे कुछ लोग दिखाई देते हैं जो, अपनी गाड़ियों में, आवारा जानवरों को, मोहल्ले से पकड़कर ले जा रहे थे और इसी दौरान, उन्होंने बिल्ली को भी बंद करके, अपनी गाड़ी में रख लिया| बिल्ली उनके शिकंजे से छूटने के लिए, छटपटा रही थी| लालची बिल्ली, अब बुरे चंगुल में फँस चुकी थी| वह अपनी मदद के लिए, अपने मालिक को आवाज़ लगा रही थी लेकिन, शायद आज उसका बुरा दिन था| उसकी लालच ने उसे बुरा फँसाया था और अब वह इनके चंगुल से बच पाने में, सक्षम नहीं थी| मोहल्ले से जाते हुए, बिल्ली गाड़ी में बैठे हुए, अपनी क़िस्मत को कोस रही थी कि, “अगर वह लालच न करती तो, उसे जीवन भर के लिए, खाने पीने की कोई परेशानी नहीं होती|” आज उसके लालच ने उसे, जीवन की बहुत बड़ी शिक्षा दे दी थी| बिल्ली की हरकतों से मोहल्ले वालों को छुटकारा मिल चुका था|

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