देवर भाभी (Devar Bhabhi)- True Motivational Stories

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देवर भाभी (Devar Bhabhi)- True Motivational Stories in hindi:

देवर भाभी (Devar Bhabhi)का रिश्ता तो, माँ बेटे की तरह होता है| इसी तथ्य पर आधारित एक कहानी कमल की है| कमल के बड़े भैया एक सरकारी बैंक में नौकरी करते थे लेकिन, एक रोड एक्सीडेंट में उनकी मृत्यु के बाद, घर की ज़िम्मेदारी कमल पर आ चुकी थी| अपने भाई के जाने के बाद कमल ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही रोक दी थी| दरअसल, कमल की भाभी अपने पति के मृत्यु से टूट चुकी थी और उन्हें सहारे की सख़्त ज़रूरत थी, पति की मृत्यु के बाद कमल की भाभी को अनुकंपा नियुक्ति के तौर पर, नौकरी दी गई थी जिसके लिए, उन्हें बैंक जाना आना पड़ता था और इसी बीच कमल के सहयोग ने, उन्हें पूरी तरह बिखरने नहीं दिया| कमल अपनी भाभी का इतना सम्मान करता था कि, उनके कहने पर उसने अपने कॉलेज की पढ़ाई फिर से प्रारंभ कर दी| कमल को कई बार अपनी भाभी को बैंक छोड़ने के चक्कर में, कॉलेज पहुँचने में देरी हो जाती लेकिन, कमल को इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता| वह अपने जीवन में सबसे ज़्यादा प्राथमिकता, अपनी भाभी को ही देने लगा था| कमल की भाभी भी उसे अपना बेटा मानती थी| एक दिन कमल अपने कॉलेज की लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई कर रहा था अचानक, उसे उसकी भाभी का फ़ोन आता है| वह रोते हुए कमल को बैंक बुलाती है| कमल अपनी भाभी की आवाज़ सुनते ही घबरा जाता है| वह तुरंत बाइक उठाकर बैंक पहुँचता है| जहाँ उसे पता चलता है कि, उसकी भाभी पर 10 करोड़ रुपया के घोटाले का आरोप लगा है| कमल को पुलिस के द्वारा जानकारी मिलती है कि, उसकी भाभी ने फ़र्ज़ी डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर, एक ग्राहक के खाते से 10 करोड़ रुपया का आहरण किया है| कमल को तुरंत श़क होता है कि, यह ज़रूर किसी की साज़िश है|

देवर भाभी - True Motivational Stories
Image by Gerd Altmann from Pixabay

पुलिस कमल को उसकी भाभी के पास ले जाती है| कमल की भाभी उसे देखते ही रोने लगती है| वह अपनी भाभी को भरोसा दिलाते हुए कहता है कि, “भाभी में सब कुछ ठीक कर दूँगा| आप चिंता मत करो|” और वह तुरंत पुलिस थाने से बाहर आ जाता है| कमल अपने दोस्तों को फ़ोन लगाता है और उनसे उसी बैंक आने को कहता है जहाँ, उसकी भाभी काम करती थी| दोस्तों के आते ही कमल योजना के अनुसार, अपने एक दोस्त वरुण को रईस ग्राहक बनाकर, मोबाइल रिकॉर्डिंग सिस्टम के साथ, बैंक के अंदर भेजता है| वरुण बैंक पहुँचते ही सीधा ब्रांच मैनेजर के केविन में घुस जाता है| बैंक का मैनेजर वरुण के हुलिए को देखते ही कुर्सी पर बैठने को कहता है| वरुण अपने प्लान के अनुसार, बैंक के ब्रांच मैनेजर को, अपने ग़ैर क़ानूनी पैसों को, खाते से हस्तांतरण करने के लिए, 10 लाख रुपया की रिश्वत ऑफ़र करता है| मैनेजर बहुत चालाक था| उसने वरुण को तुरंत मना कर दिया और कहा हमारे यहाँ ऐसा कोई ग़लत काम नहीं होता| आप कहीं और से करवा लीजिए और कृपया यहाँ से चले जाइए| वरुण ब्रांच मैनेजर की बात सुनकर डर जाता है और निराश होकर बैंक से बाहर आ जाता है लेकिन, जैसे ही वह कुछ दूर पहुँचता है, उसे पीछे से एक व्यक्ति आकर रोक लेता है और वह वरुण से कहता है, “आप चिंता मत करिए| आपका काम हो जाएगा|” दरअसल, इस आदमी को ब्रांच मैनेजर ने ही वरुण के पीछे भेजा था| वह वरुण को पैसे लेकर अगले दिन, किसी होटल में मिलने को कहता है| वरुण उसकी सारी बात रिकॉर्ड करके, वहाँ से थोड़ी दूर स्थित एक पार्क पहुँचता है| जहाँ कमल उसका इंतज़ार कर रहा था|

देवर भाभी - True Motivational Stories
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वह उनके पास पहुँचते ही, रिकॉर्डिंग सुनाता है| कमल रिकॉर्डिंग सुनते ही समझ जाता कि, “ज़रूर भाभी के केस में ब्रांच मैनेजर ही ज़िम्मेदार है क्योंकि, इतना बड़ा घोटाला बिना बड़े अधिकारी के संभव ही नहीं है|” वरुण अगले दिन, नक़ली नोटों से भरा हुआ बैग लेकर, होटल पहुंचकर कमरा बुक करता है| कुछ देर बाद ब्रांच मैनेजर, अपने उसी आदमी के साथ वरुण की बतायी गई जगह पर पहुँच जाता है| वरुण ब्रांच मैनेजर को ड्रिंक पीने को कहता है| ब्रांच मैनेजर एक बड़े आदमी से रिश्ता बनाने के चक्कर में ड्रिंक लेना शुरू कर देता है| कुछ ही घंटों की मुलाक़ात के दौरान, ब्रांच मैनेजर बातों बातों में कमल की भाभी की चर्चा उठा देता है| जिसमें वह बताता है कि, “उस औरत ने मेरे कई घोटालों के बारे में जानकारियां इकट्ठी करके, रीजनल हेड को मेल भेज दिया, वह तो अच्छा था कि, वह मेरा दोस्त है तो, मुझे पता चल गया इसलिए, मैंने उसे अपने ही एक घोटाले में फँसा दिया|” ब्रांच मैनेजर के इतना कहते ही, पुलिस तुरंत कमरे के अंदर पहुँच गई| दरअसल सारी रिकॉर्डिंग लाइव चल रही थी| कमल ने पुलिस को पहले से ही होटल के बाहर बुला लिया था| पुलिस ब्रांच मैनेजर को घसीटते हुए, होटल के बाहर ले आती है|

देवर भाभी (Devar Bhabhi)- True Motivational Stories
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अदालत में ब्रांच मैनेजर के सभी घोटाले सामने आ जाते हैं| मुख्य आरोपी गिरफ़्तार होते ही, कमल की भाभी को बाइज़्ज़त बरी कर दिया जाता है| वह जेल से छूटते ही कमल को रोते हुए धन्यवाद देती है लेकिन, कमल अपनी भाभी के चरणों में गिर जाता है और कहता है, “भाभी जब तक आपका ये बेटा आपके साथ है, आपके ऊपर आंच भी नहीं आ सकतीं” और कहानी ख़त्म हो जाती है|

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