मेंढक और चिड़िया- 5 lines short stories with moral

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मेंढक और चिड़िया (प्रेरणादायक शॉर्ट स्टोरी)- 5 lines short stories with moral in hindi:

एक तालाब के किनारे मेंढक रहता था| उसका कोई दोस्त नहीं था इसलिए, ज़्यादातर समय वह तालाब के किनारे ही, गुज़ारा करता था| एक दिन वह तालाब के बाहर घूम रहा था अचानक, एक चिड़िया उसके पास आकर बैठ गई और उससे पूछने लगी, “तुम तलाब के बाहर, क्यों घूम रहे हो| तुम्हें तालाब में अच्छा नहीं लगता?” मेंढक ने निराशा के साथ, उत्तर देते हुए कहा, “मेरा कोई दोस्त नहीं हैं इसलिए, मुझे तालाब में रहना पसंद नहीं| चिड़िया ने मेंढक से कहा, “क्या तुम मेरे दोस्त बनोगे?” मेंढक ने बिना सोचे चिड़िया से दोस्ती कर ली|

मेंढक और चिड़िया- 5 lines short stories with moral
Image by Angga Nugraha from Pixabay

चिड़िया ने मेंढक से कहा, “मैं तुम्हें अपनी तरह आसमान में उड़ाऊँगी| यह बात सुनते ही, मेंढक ख़ुश हो गया| उसे लगा कि, “वह भी चिड़िया की तरह हवा में उड़ने लगेगा और वह चिड़िया के बोलने पर, एक पेड़ पर चढ़ गया| चिड़िया नादान थी| उसने मेंढक को, अपनी तरह पक्षी समझकर, पेड़ से कूदने को कहा और अगले ही पल, मेंढक पेड़ के नीचे आ गिरा जिससे, वह घायल हो गया| मेंढक के गिरते ही, चिड़िया डरकर वहाँ से भाग गई| वह धीरे धीरे घिसटता हुआ, तालाब के अंदर पहुँचा| मेंढक अपनी मूर्खता से बहुत दुखी हुआ| उसे समझ में आ चुका था कि, भावनाओं में बहकर, अपनी परिस्थितियों को पहचानें बिना, कार्य करने का अंजाम क्या होता है और इसी के साथ, यह कहानी ख़त्म हो जाती है|

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