Moral story in hindi | ऑनलाइन परीक्षा

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Moral story in hindi | ऑनलाइन परीक्षा | Online pareeksha:

बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए कहानियां (Moral story in hindi) मददगार होती हैं एक गाँव में एक छोटा सा सरकारी स्कूल था | जहाँ उच्चतर माध्यमिक तक की शिक्षा दी जाती थी | स्कूल में शिक्षक पुराने तरीक़ों से शिक्षा देने में सक्षम थे | गाँव के लगभग सभी बच्चें इसी स्कूल में पढ़ा करते थे | पिछले कई वर्षों से स्कूल में बच्चों की शिक्षा दर का अनुपात कम होता जा रहा था और इस स्कूल के परिणाम अन्य क्षेत्रों के स्कूल की तुलना में बहुत पीछे थे | इसी के चलते प्रशासन के द्वारा इस स्कूल को बंद करने के आदेश जारी हो चुके थे | लेकिन कई बच्चों के भविष्य के चलते, यह स्कूल अभी तक चल रहा था, लेकिन इस वर्ष यदि यह स्कूल अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता तो, इसे बंद कर दिया जाएगा और यदि यह स्कूल बंद हो गया तो, गाँव के बच्चों को 10 किलोमीटर दूर, नदी पार करके दूसरे गाँव के स्कूल जाना होगा, जोकि सभी बच्चों के लिए जा पाना असंभव था | इसके लिए सभी बच्चे इस वर्ष अपने विद्यालय का परीक्षा परिणाम बेहतर करने के प्रयास में लगे हुए थे | सरकारी स्कूल के शिक्षक भी बच्चों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मेहनत कर रहे थे | सभी चाहते थे, कि इस स्कूल उजड़ने से बचाया जा सके | तभी सरकार के एक आदेश से, सरकारी स्कूल के शिक्षकों के, पैरों तले ज़मीन खिसक जाती है | सरकारी आदेश के अनुसार, इस वर्ष सभी स्कूलों में परीक्षाएं, ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आयोजित की जाएंगी | ऑनलाइन परीक्षा (Online pareeksha) का अनुभव, न तो यहाँ के शिक्षकों को है और न ही विद्यार्थियों को |

ऑनलाइन परीक्षा | Online pareeksha
Photo by Katerina Holmes: https://www.pexels.com/photo/ethnic-girl-studying-online-with-laptop-and-writing-notes-5905707/

सरकारी स्कूल के शिक्षक, चिंतित हो जाते हैं और उन्हें लगने लगता है, कि अब शायद वह इस स्कूल को नहीं बचा पाएँगे | ऑनलाइन परीक्षा की बात स्कूल के बच्चों को पता चली, तो वह हतोत्साहित हो गए, क्योंकि गाँव का एक भी बच्चा, कम्प्यूटर चलाना नहीं जानता था | कोई भी ऑनलाइन परीक्षा देने में भी सक्षम नहीं था | तभी सरकारी स्कूल के शिक्षक, तय करते हैं, कि हम अपने स्कूल के बच्चों को परीक्षा होने से पहले, कंप्यूटर का प्रशिक्षण करवा देते हैं, ताकि वह ऑनलाइन परीक्षा देने लायक कंप्यूटर चला लें | सभी की रज़ामंदी होने के बाद, बच्चों को उस गाँव के नज़दीक, एक शहर में स्थित, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र मैं लाया जाता है | बच्चों के साथ साथ सरकारी शिक्षक भी, कंप्यूटर का प्रशिक्षण प्रारम्भ कर देते हैं | लेकिन कुछ दिनों प्रशिक्षण लेने के बावजूद भी, बच्चों को कम्प्यूटर चलाना नहीं आ रहा होता है | दरअसल बच्चों के दिमाग़ में, स्कूल बंद होने का भय बना हुआ था, जिसकी वजह से वह कंप्यूटर सीखने में अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे थे | तभी एक शिक्षक, बच्चों के उत्साह को बढ़ाने के लिए झूठ कहता है, कि नया सरकारी आदेश आया है | अब हमारे स्कूल को बंद नहीं किया जाएगा और यदि तुम लोग ऑनलाइन परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर देते हो तो, हमारे स्कूल को मरम्मत करके और बेहतर कर दिया जाएगा | यह सुनते ही, बच्चों के मन में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ती है और वह अब कुछ खोने के लिए नहीं, बल्कि पाने के लिए कंप्यूटर सीखने के लिए तैयार थे | शिक्षक कि यह तकनीक कारगर सिद्ध होती है | बच्चे मन लगाकर कंप्यूटर का प्रशिक्षण लेते हैं और कुछ ही दिनों में, वह इस लायक तो कंप्यूटर चलाना सीखे चुके थे, कि ऑनलाइन परीक्षा दे सकें और अब वह दिन आ जाता है, जब ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जानी थी | स्कूल के सभी बच्चों ने, अपने पाठ्यक्रम के साथ साथ कंप्यूटर शिक्षा का भी अनुभव ले लिया था और वो अब तैयार थे, अपने इस स्कूल को बचाने की कोशिश के लिए | अगले ही दिन सुबह ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाती है | सभी बच्चों के मन में परीक्षा को लेकर उत्साह होता है और सब समय से विद्यालय पहुँच जाते हैं | परीक्षा के दौरान विद्यालय में विजिलेंस ऑफ़िसर परीक्षा प्रारंभ होने से पहले ही आ जाते हैं |

Moral story in hindi
Image by Gerd Altmann from Pixabay

दरअसल परीक्षा का परिणाम, इस स्कूल के भविष्य को तय करने वाला था | सभी बच्चों की, कमरे में जाने से पहले, पूरी तरह जाँच की जाती है | सभी बच्चे अपने अपने कम्प्यूटर के सामने बैठ जाते हैं और परीक्षा प्रारंभ होने की प्रतीक्षा करने लगते हैं और कुछ ही पल में कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रश्नों की बरसात हो जाती है | सभी बच्चों ने लगन के साथ पढ़ाई की होती है, इसलिए उन्हें प्रश्नों को हल करने में कोई परेशानी नहीं होती | सभी को आख़िरी समय का संकेत दे दिया जाता है और इसी के साथ सभी बच्चे अपने उत्तर पुस्तिका ऑनलाइन सबमिट कर देते हैं | लेकिन अचानक बहुत से बच्चों की कंप्यूटर स्क्रीन ब्लैक हो जाती है | सभी बच्चे घबरा जाते हैं | कुछ घंटे होने के बाद भी, जब कंप्यूटर स्क्रीन में कुछ दिखाई नहीं देता तो, कंप्यूटर इंजीनियर को बुलाया जाता है और वह कुछ ही समय के अंदर, समस्या का समाधान कर देता है और सभी बच्चों का परीक्षा परिणाम कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है | कंप्यूटर इंजीनियर निरीक्षण करके पता लगाता है, कि इंटरनेट के एक वायरस की वजह से परीक्षा का परिणाम कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित नहीं हुआ, लेकिन बच्चों की उत्तरपुस्तिका सबमिट हो चुकी थी | सभी बच्चों के परीक्षा परिणाम, पिछले कई वर्षों की तुलना में बेहतर हुए थे | बच्चों के प्रदर्शन को देखते हुए, प्रशासन विद्यालय का आधुनिक परिवर्तन करने का निर्णय लेता है और साथ ही, वहाँ पढ़ रहे सभी छात्रों को, छात्रवृत्ति देने का भी फ़ैसला किया जाता है | इस फ़ैसले से पूरे गाँव में ख़ुशी की लहर दौड़ जाती है | बच्चों और शिक्षकों की मेहनत से विद्यालय का सूरज अस्त होने से बच गया था और इसी के साथ यह प्रेरणादायक कहानी ख़त्म हो जाती है |

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